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7/3/2017

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कैसे है आपलोग। आज रोज की तहर मै और भइया हॉस्पिटल ९ बजे पहुंचे हमने पापा को खाना खिलाया और उन्हें बाहर घुनामे ले गए। हमलोग पापा से बात कर रहे थे हमे वार्ड में बुलाया गया। हमलोग वार्ड में पहुंचे तो नर्स ने हमे बताया की आपके पापा को डिस्चॉर्ज कर रहे है वो ठीक है आपको शॉप से मेडिसिन लेकर आना है हम आपको मेडिसिन कैसे देना है पेशेंट को ये समझा देंगे। मै और  छोटा भाई मेडिसिन लेने चले गए। हम मेडिसिन लेकर नर्स से मिले नर्स ने हमे मेडिसिन कैसे देना है और कब देना है ये बताया इतने मे पापा मम्मी और जीजा जी भी आए जिन्होंने सारा सामान वार्ड से ले लिया था। हमलोग बाहर निकलकर ऑटो बुक किया जिसमे पापा मम्मी और जीजा घर निकल गए। मै और भाई बाइक से घर पहुंचे। अगले दिन होली था हमलोग होली की तैयारी करने लगे। डॉक्टर ने हमे बताया था कुछ दिन पापा को हल्का भोजन देना बाद में वो सबकुछ खा सकते है। डॉक्टर ने हमे बताय की आपलोग किसी भी हालत में पापा को ब्लड थिन (पतला ) की और वार्फेन को देना कभी नही भूलना।                               ...

4/3/2017

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कैसे हो दोस्तों मै हररोज की तरह हॉस्पिटल के लिए घर से ९ बजे निकल गया आज ट्रैफिक डेली से बहुत ज्यादा था जिसके कारण मुझे हॉस्पिटल पहुंचने में २ घंटे लग गए मै ११ बजे हॉस्पिटल पहुंचा मम्मी पापा से मिलकर आईसीऊ से बारह आ रही थी मै मम्मी से मिला मम्मी ने बताया की पापा तुझको पूछ रहे थे नीरज मिलने नही आया तो मम्मी ने उनको बताया वो डेली आपसे एक बार तो मिलता था पर पापा को कुछ याद नही था मै कुछदेर बाहर ही बैठा आईसीऊ से पापा का नाम लेकर हमे बुलाया गया और बोलै गया की अपने पेशेंट को बाहर घुमाओ मै और भाई विल चेअर पे पापा को बिठाकर पापा को बाहर लाय पापा ने बाहर आकर गाँव से आय हुए जीजा और भईया से बात की आधे घंटे बाद पापा को दुबारा बुला लिया गया। हमने डॉक्टर से पापा के हालत के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने बताया की आज शाम तक इनको वार्ड में शिफ्ट कर दिया जायगा शाम को ५ बजे पापा को वार्ड में शिफ्ट किया गया पापा के जख्म भी काफी भर चुके थे। आज पापा के साथ हॉस्पिटल में भाई रहने वाला था। मै मम्मी और भइया घर के लिए निकल गए मै अपना बाइक लेने पार्किंग में गया तो देखा किसीने मेरे बाइक का हैलमेट लॉक तोड़कर हैलमेट नि...

3/3/2017

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पापा के सर्जरी हुए २ दिन बीत चुके है उन्हें होश नही आरहा है हमलोगो की चिंता बढ़ती जा रही है। मन में कई प्रकार के ख्याल आ रहे थे कहि कोई दुर्घटना न घट जाय हमलगो बार बार डॉक्टर से जाकर पूछ रहे थे की हमारे पेशेंट का क्या हाल है पर उनके द्वारा हमे यही बताया जा रहा था की अभी वो वेंटिलेटर पर है जैसे ही उनको होश आता है आपको बता दिया जायगा। पापा के बाद जिनका सर्जरी हुआ उनलोगो को होश आ चूका था। हम कर भी क्या सकते थे हमारे पास कोई और विकल्प भी नही था। क्योकि वेंटिलेटर पर आदमी को मरा हुआ ही समझा जाता है क्योकि पेशेंट को पंप के जरिये जबरदस्ती हार्ट को पम्पिंग किया जाता है। दिन के ११ बज रहे थे पापा का नाम पुकारा गया और हमे एक लिस्ट थमाया गया की ये सरे सामान लेकर जल्दी से आओ आपके मरीज को होश आ चूका है इनको ब्रश कराओ और कुछ हल्का भोजन जैसे खिचड़ी और चाय पिलाओ पर मम्मी ने बोला पापा को हमे चाय नही पिलाना चाहिए हमलोग हॉस्पिटल से निकले और लिस्ट का सारा सामान और दूध को उबलबाकर ले गए। मेरा हिम्मत नही हो रहा था की मै पापा के पास जाकर ये कर पाउ पर मेरा छोटा भाई गया और उसने पापा को ब्रश कराया और खिचड़ी खिलाय...

1/3/2017

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सुबह के ८ बज रहे थे मेरे पास मम्मी का फ़ोन आया की आज पापा का सर्जरी होगा उनको लेजाया गया है। मै और भैया घर से निकल गए घर से हॉस्पिटल की दुरी २५ किलोमीटर थी हम दोनों १ घंटे में पहुंच गए। मम्मी से मिले इतने में पता चला की हमारा बेड किसी और को देदिया गया है मम्मी और भाई समान लेकर सर्जरी रूम के बाहर बैठे थे। हमभी वही बैठ गए हमलोग भगवान से दुआ करने लगे तरह तरह की मन्नत मांगने लगे पापा का सर्जरी ठीक ठाक हो जाय। मम्मी ने बताया की पापा को रात में लिफ्ट में चककर आया था और सांस भी फूल रही थी फिर उन्होंने ऑक्ससीजन लगया काफी देर बाद उनको आराम मिला। हॉस्पिटल वैसे तो साफ़ था दिन में ४ से ५ बार पोछा लगता था पर रात को पता नही कहा से बहुत दीमक आ जाते जिससे रात को कोई भी ठीक से नींद नही ले पाता था। फिर अंदर से पापा का नाम लेकर बुलाया गया इनके साथ जो भी है सर्जरी रूम में मिलो मै और भाई जाकर मिले उन्होंने बताया की आपलोग और ५० हजार रूपये जमा कराइये क्यों की इनकी नसे भी बदलनी पड़ेगी हमने बोला हमलोग जमा करा चुके है तो उन्होंने कहा आपने सिर्फ वाल्व का और सर्जरी का पैसा जमा कराया है उन्होंने हमे बताय...

27/2/2017

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आज मै और मेरे भाई ने चाचा से बोला आपने ब्लड का इंतजाम नही कराया उन्होंने बहाना बना दिया मै भूल गया हमदोनो भाई ने सोचा कोई और इंतजाम करना होगा फिर भाई और मैंने अपने दोस्तों से बात की मेरा दोस्त सोनू ब्लड डोनेट करने आया और ब्लड डोनेट कर दिया हमने उसको जूस पिलाया जिससे उसको कमजोरी ना हो और वो मम्मी पापा से मिला और घर चला गया। तक़रीब ११ बजे मेरे भाई के ऑफिस से उसके दोस्त आये उन्होंने भी ब्लड डोनेट किया जिसका नाम रवि था जिसने जूस भी नही  लिया और वो चला गया। दूसरा दोस्त आया जो अपना एक कोचिंग सेंटर चलता था सीट फूल होने के कारण डॉक्टर ने बोला आप १ घंटे वटे करलो पर वो हमसे मिले बिना वहा से चला गया। रात को १० बजे मेरा भाई ऑफिस से सीधा हॉस्पिटल आया तो उसने बताया की रवि जो ब्लड डोनेट करके बिना जूस पिए चला गया था आगे जाकर मेट्रो में चकराकर गिर गया हमने उसके बारे में पूछा अभी वो ठीक तो है तो भाई ने बताया की मैने उसे मेट्रो से निकलकर जूस पिलाया अभी वो ठीक है। आज २८ फरवरी २०१७ को भाई के ऑफिस से एक और दोस्त आया उसने ब्लड डोनेट किया हमने उसे जूस पिलाया और खाना भी खिलाया और वो चला गया। आ...

26/2/2017

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आज २६ फरवरी २०१७ को पापा को सर्जरी के लिए तैयार किया जा रहा था। जिसमे उन्हें एनिस्थिसिया के लिए प्रीपेर किया गया उन्हें लेजाया गया और २ घंटे बाद वापस भेज दिया गया ये बोलकर आज की सीट बुक हो चुकी है। हमलोग कोई दवाव नही बनाना चाहते थे क्यों की हमलोग जिसमे मै मेरा भाई और मम्मी इतने दिनों में देख चुके थे जिस जिस ने सर्जरी प्रेसर में करवाया उनका सर्जरी खराब हो चूका था। उनलोगो की हालत गंभीर थी। हमने सोचा की बिहार से अपने कुछ रिस्तेदार जैसे मामा के लड़के और उनके दमाद को बुला लिया जाय जिससे हमे थोड़ी हिम्मत मिले और हम मजबूत हो सके अगले दिन मेरे जीजा जी और मेरे मामा के लड़के यानि मेरे बड़े भइया दिल्ली आ गए। डेली पापा को सर्जरी के लिए तैयार कराया जाने लगा और कुछ रीज़न बताकर वापस कर दिया जाता था। हमे बताया गया की आपलोग ५ यूनिट ब्लड का इंतजाम करके जमा करा दो हमलोग इंतजाम में जुट गए। मैंने १ यूनिट मेरे भाई ने १ यूनिट जमा कराया मैंने और मेरे भाई ने पापा के फुफेरे भाई से बोला चाचा आपके अंडर में बहुत से गार्ड काम करते है उनसे बोलकर ३ यूनिट ब्लड का इंतजाम करादो उन्होंने बोला थिक है मै कल बताऊंगा।   ...

8/2/2017

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आज ८ फरवरी २०१७  मै भाई और मम्मी पापा  सुबह १०  बजे गोबिंद  भल्लभ पंत हॉस्पटल पहुंच गए और डॉक्टर से मिलने का इंतजार करने लगे फिर नितिन का फोन आया उसने हमको डॉक्टर  मिलाया फिर आगे ऐसी घटना घटी जिसे हमलोग आज भी नही भूल सकते  जो एक रियली सच्ची घटना है जो आज मै आपलोगो को बताने जा रहा हु। नितिन ने बताया की आपलोगो को आज ही १  लाख १ ५ हजार रूपये जमा करने होंगे जो मै  डॉक्टर और स्टाफ को दूंगा जिससे आपका काम तेजी से होगा और आपके पापा आज ही एडमिट हो जायँगे और एडमिट होने ४ दिन बाद उनका सर्जरी हो जायगा। उसने एडमिट पेपर बनवा दिया पापा को एडमिट कर लिया गया हमने उससे बोला की आज हम पैसे लेकर नही आये है तो उसने कहा की आप पैसे लेकर आजाओ नही तो डॉक्टर एडमिट कैंसिल कर देगा फिर मै भी कुछ नही कर पाऊंगा हमलोग भी क्या करते पापा का सेजरी जल्दी कराना चाहते थे क्यों की एम्स के और बत्रा के डॉक्टर ने बोल दिया था की इनके पास ७ दिन का समय है। मै और मम्मी घर निकल गए पैसे लेने रास्ते मे हमने सोचा की अगर हमने पुरे पैसे देदिया और वो इंकार कर दिया तो हमलोग क्या करलें...